Monday, 14 April 2008

दुनियां के सबसे सुन्दर बच्‍चे

एक बार एक मादा उल्लू के अहसान का बदला चुकाने के लिए एक गरुड ने उससे वायदा किया कि वह उस उल्लू के बच्‍चों को कभी नुकसान नही पहुँचाएगा । पर तुम मेरे बच्‍चों को कैसे पहचानोगे? मादा उल्लू ने बडी उत्सुकता से पूछा, यह कैसे पता चले कि तुम उन्हे किसी अन्य चिडिया के बच्‍चे नही समझ लोगे?

ऐसा करो कि तुम खुद ही बता दो वे कैसे दिखते हैं, गरुड ने पूछा?

वास्तव मे वे किसी अन्य चिडिया के बच्‍चे जैसे नही है, मादा उल्लू ने गर्व से सीना फुला कर कहा। वे नरम है, गुदगुदे हैं और दुनियां के सब से सुन्दर बच्‍चे हैं। इतने सुन्दर बच्‍चे तुम ने कभी नही देखे होगे।

एक शाम गरुड को एक ऐसा घोंसला मिला जिसमे चिडिया के कुछ बच्‍चे चिल्ला रहे थे। उन के लाल मुँह खुले हुए थे। वह रुका और थोडी देर विचार करने के बाद वह खुद से बोला " ज़ाहिर है यह तो उस उल्लू के बच्‍चे नही हो सकते क्योकि मादा उल्लू ने तो कहा था कि उस के बच्‍चे बेहद खुबसुरत हैं और यह बच्‍चे तो बहुत बद्सूरत है" उस के बाद बिना कुछ सोचे वह उन बच्‍चों पर टूट पडा और सब को खा गया। वहां सबकुछ खून सने पंख पडे थे।

गरुड अपना वादा कैसे भूल गया? वह रोते-रोते बोली। मैने तो उसे बता दिया था कि मेरे बच्‍चे सब से सुन्दर है।

सबक; हर माँ यही समझती है कि उस के बच्‍चे सब से सुन्दर व अच्छे हैं ।

Monday, 7 April 2008

आया रखने से पूर्व बरतें कुछ सावधानियां

आजकल की महिलाएं नौकरीपेशा वाली हैं इसलिए ज्यादा समय घर से बाहर बिताती हैं संयुक्त परिवारों मे या जिन के माता पिता घर पर रह्ते है उन्हे बच्‍चों की देखबाल की समस्या नही होती है परन्तु एक्ल परिवारों मे मां के दफतर जाने के बाद बच्‍चे की देखबाल के लिए कोई नही रहता इसलिए महिलाएं अपने बच्‍चों के लिय आया का इंतजाम करती है। आया उनके अनुपस्थिति मे बच्‍चों की देखबाल करती है तथा उनके खानपान का ध्यान रखती है मगर हमेशा ऐसा नही होता कुछ आया मां की अनुपस्थिति मे अपना मनोरंजन करती है जबकि बच्‍चा बिलखता रह्ता है। ऐसे मे सावधान रहें हमेशा आया रखने से पूर्व कुछ बातों का ध्यान रखें।
जांच पड्ताल कर लें:
आया रखने से पहले उस की पूरी जांच पड्ताल कर लें। उस के विष्य मे पूरी जानकारी ले लें। उस का आता पता सब नोट करलें। जब तक आप को उस पर विश्‍वास न हो जाए तब तक बच्‍चे और घर को उस के भरोसे छोड कर न जाएं। वह साफ साफाई पर कितना ध्यान देती है यह भी परख लें । गंदी आया बच्‍चो को भी साफ सुथरा नही रखती, जब वह खिलाएगी तो बच्‍चा उससे चिपकेगा भी ऐसे मे बच्‍चे के बिमार होने की अशंका बढ जाती है। गंदी आया के साथ रखने से बच्‍चा बीमार रहने लगेगा।
बच्‍चों के खाने-पीने की तरफ ध्यान दें:
इस बात का खास ख्याल रखें कि आया आप के बच्‍चे के खाने-पीने का ध्यान रखती है या नही। बच्‍चे के हिस्से का खाना आदि वह स्वयं तो नही खा जाती यदि आप को शक हो तो उसके खाने पीने का इंतजाम करें। याद रखें आप उस का ख्याल रखेगे तो वह आप के बच्चे का ज्यादा ख्याल रखेगी। बेवजह उस पर शक न करें। इससे उस पर गलत असर पड्ता है।
आया को पूरे विश्‍वास मे लें:
उसे पूरा मान सम्मान दें। उसके साथ विनम्रता के साथ पेश आएं। आपके उनुपस्थिती मे वह आप के बच्‍चे के साथ रहती है यदि आप उसके साथ बदतमीजी करेगें तो वह आपके बच्‍चे के साथ बुरा बरताव कर सकती है, इसलिए उसे विश्‍वास मे लें । उसके साथ नरमी से पेश आएं। उस से उतना ही काम करवाएं जितना वह आराम से कर सके। उस पर काम का बोझ न लाद दें वरना वह आप के बच्‍चे पर उचित ध्यान नही दे पाएगी।
बच्‍चे को अकेले बाहर ले जाने की अनुमती न दें:
पूरी तरह से बेफिक्र होकर आप घर से बाहर न निकलें। आपके बच्‍चे के आया को अकेले छूट देना भी ठीक नही है उसे बच्‍चे को अकेले बाहर ले जाने की अनुमती न दें वरना बच्‍चा कही रोता फिरेगा ओर वह किसी के साथ गप्पें मारती रहेगी। कभी कभी द्फ्तर से जल्दी आकर यह देखें कि बह आपके बच्‍चे को किस तरह रखती है। इससे आया को भी लगेगा कि आप किसी भी वक्‍त आ सकती हैं । उसे अपनी मन मर्जी करने का मौका नही मिलेगा। घर के नौकरो के साथ व पुरुष सद्स्यों के साथ आया को अकेला छोडने की गलती कभी न करें। आया के सामने कीमती वस्तुओ, रुपए पैसे, गहने वगैरा रखने से बचें। उसके जाने के बाद ही रखें या निकालें।
नजदीकी रिशतेदारों आदि के फोन नम्बर जरुर दें:
यदि अपने नवजात शिशु या बच्‍चो को आया के भरोसे छोड कर जाना पडे तो तो रिशतेदारी की किसी बुजुर्ग महिला को बुलालें जो आप के बच्‍चे व आया पर नज़र रख सके।

Thursday, 3 April 2008

विल्क्षण बुद्धि (Amazing mind) के मालिक वीरेन्द्र मेहता

आप विश्‍वास करें या न करे परन्तु यह सच है कि विरेन्द्र मात्र 13 सैकिंड मे शब्दकोष का कोई भी शब्द बता सकते है। द्सवी कक्षा मे मात्र 33 % अंक लेने वाले वीरेन्द्र मेहता ने शायद यह कभी सोचा भी न होगा कि एक दिन आएगा जब वह महज़ 13 सैकिंड के भीतर शब्दकोष के किसी भी शव्द का अर्थ याद कर बता पाएगें। हरियाणा राज्य के रोहतक जिले के मस्तनाथ इंजीनियरिंग कालेज (engineering college) के यह 25 वर्षीय शिक्षक अपने स्कूली दिनो मे पढाई मे बहुत अच्‍छे नही थे मगर आज तो उन की कहानी कुछ अलग ही है।
मेहता अक्सर्फोड लरनर्स डिक्शनरी के किसी भी शब्द का अर्थ 13 सैकिंड के अन्दर बता सकते है और वह भी सही पेज नम्बर के साथ। उनके इस दावे की सचाई का पता लगाने के लिए जब उन से पूछा गया कि कल-डि-सैक शब्द किस पेज पर है तो उन्होने झट से बता दिया कि यह पेज नंबर 306 पर है।
अपनी इंजीनियरंग परिक्षा के दौरान ही महत्ता ने शब्द्कोष को रट्ने का मन बनाया. उन्होने बताया कि 80,000 से ज्यादा शब्द उनके अर्थो और पृष्ठ संख्या के साथ याद करने मे उन्हे 6-7 महिने का समय लगा. वह मानते है कि 10वी की कक्षा मे वह गणित और अंग्रेजी मे काफी कमजोर थे और उस के बाद ही उन्होने पढाई की और ध्यान देना शूरु किया. मेहत्ता के अनुसार अपनी सबसे बडी कमजोरी को ताकत मे बदला तथा अब तो उन्हे शब्द्कोष से मोहबत हो गई है.
मेहता शब्द्कोष को याद करने ने रोज़ाना 6-7 घंटे लगाते और साथ ही योग का अभ्यास भी करते थे. भगवान कृष्ण और स्वामी विवेकानंद मे विश्‍वास रखने वाले मेहता का ख्वाब उस समय पूरा हुआ जब लिम्का बुक्स आँफ रिकार्ड्स (Limka books of records) ने अपने 2006 के संस्करण मे उनकी सफलता को दज किया. जब कि इस से पहले यह रिकार्ड उनके कालेज के ही महावीर जैन के नाम था जो 16 सैकिंड मे शब्द्कोष के अर्थो को साथ बता सकते थे.
मेहता ने बताया कि उन्होने शब्द्कोष (dictionary) को याद करने के लिए फोटोग्राफिक कौन्सेप्ट का इस्तेमाल किया. फोटोग्राफिक मेमोरी (photographic memory) किसी व्यक्ति मे चीजो को स्पष्‍ट रुप से याद करने की क्षमता है जिससे उसके मन मे उस चीज की एक वास्तविक तस्वीर बन जाती है. महता का कहना है कि हमारी 5 ज्ञान इंद्रियां हैं उन मे से एक आखें कैमरे का काम करती है . अगर हम अधिक से अधिक इन का प्रयोग कर सकेगे तो जो भी आप याद करना चाहते है, कर सकेगे

Tuesday, 1 April 2008

धुम्रपान इस तरह छोडें

सिग्रेट पीने वाला हर आदमी चाहता है कि उसकी यह आदत छूट जाए फिर भी दुनियां के एक अरब से अधिक लोग इस बुरी आद्त के शिकार है। यह लोग अरबों की संख्या मे सिग्रेट और करोडों रुपये धुआं बना कर उडा देते हैं। विकासशील देशों की तुलना मे विकसित देशो मे इस लत के शिकार लोगों के संख्या अधिक है। इस के सेवन से होने वाले अपार नुकसान से हर धुम्रपान का आदी बखूबी वाकीफ है। फिर भी चूकि एक बार लत पड जाने के बाद इस को छोड पाना मुश्किल हो जाता है इसलिए वह इन्हे नजर अंदाज करके पी जाता है। तम्बाकू क सेबन सिग्रेट, बिडी, चिलम आदि और हुक्के के रुप मे जितना नुकसानदायक है, उतना ही हानिकारक पान और खैनी के रुप मे भी है। हर साल तम्बाकू के इअन विविध प्रयोगों से दुनियां भर के लगभग 30 लाख लोग काल के ग्रास बन जाते है। एक अध्ययन के अनुसार एक सिग्रेट मनुष्य का लगभग 8 मिनट उम्र कम कर देता है।

एक सिग्रेट मे लगभग 32 प्रकार के हानिकारक रासायन पाऐ जाते हैं। हालांकि यह सही हौ कि एक बार सिगरेट की आदत पड जाने के बाद इसे छोडना कठिन होता है परंतु अगर आप धुम्रपान सचमुच छोड्ना चाहती हैं तो वह काम केवल व केवल आप के द्धारा ही संभव है और आसान भी है, बशर्त आप के दिल मे ठोस निश्‍चय और खुद के प्रति ईमानदार हो। अगर आप नीचे लिखे बातों का पालन एक ब्रत के रुप में करें तो वह बुरी लत आसानी से छुट सकती है।

  1. मन मे ठोस निश्‍चय करके कोई एक दिन निश्‍चित कर लें कि फलां दिन से वीडी सिग्रेट नही पिऐगें।

  2. इस बात की सूचना आपने दोस्तों और घर-परिवार वालों को भी दें।

  3. निश्‍चित दिन से सिग्रेट वीडी की तरफ देखें तक नही, यहां तक कि उस दुकान की तरफ जहां से सिग्रेट वीडी खरीदतें हैं, तब तक न जाएं जब तक बह लत छूट न जाए।

  4. इस दौरान हलका एंव सुपाच्य भोजन से कुछ कम ही लें। पानी खूब व बार बार पिएं।

  5. गर्मी के दिनो मे दो-तीन बार स्‍नान भी कर सकते हैं।

  6. सिग्रेट वीडी पीने की जरुरत महसूस होने पर ठंडे पाने से मुँह धो कर लौंग इलाइची या कुछ खा कर किताबें आदि पढ्ने मे व्यस्त हो जाएं।

  7. यह कभी न सोचें कि अच्छा एक बार पी लें फिर नही पीएगें । इससे धोखा होगा।

  8. जितने पैसे आप सिग्रेट वीडी पर खर्च करते थे, उतने पैसे रोज अलग जगह पर रखते जाएं जिस की जानकारी घर के सदस्यों या जिस को आप कह सकें, को भी कह दें।

  9. इन पैसो से आप बीच बीच मे अपने माता-पिता या बीबी-बच्‍चों के लिए कोई सामान खरीद कर लाया करें, इस से आप को आत्मसंतुष्‍टी मिलेगी और परिवार भी खुशाल होगा।

  10. सिग्रेट वीडी पीने से खर्च होने वाला समय कुछ किताबे पढ्ने, जो आप को अच्छा लगे या किचन गार्ड्न बनाने मे बिताएं।

  11. इस तरह तब तक करते रहें जब तक पूर्ण रुप से आद्त छूट न जाए।

उपरोक्त बातो को अपने जीवन मे अपना कर आप सिग्रेट रुपी मीठे जहर से बच सकते हैं।